औषधीय गुणों की खान है लसोढ़ा

lasodha_001
लसोढ़ा

लसोढ़ा जंगली पादप श्रेणि का गाँव मे प्रचलित फल है परंतु वहाँ पर भी यह मध्यम प्रचलन वाला फल है। पके फल का ज्यादा सेवन आदिवासी और गरीब परिवारों में ज्यादा देखा गया है। इसके अलावा इसका उपयोग उन परिवारों में देखने को मिलता है जो घरेलू नुस्खों के माध्यम से इसको औषधीय महत्व वाला मानते हैं। लसोढ़े के इस्तेमाल में लसोढ़े का अचार आम प्रचलन रेसिपी है इसके अलावा कुछ क्षेत्रो मे इसकी सब्जी और चटनी भी बनाई जाती है तथा पके फलों को लोग ऐसे ही खाते हैं। लसोढ़े का कच्चा फल हरे रंग का तथा पका फल हल्का पीला या हल्का मिश्रित पीला-नारंगी होता है। पकने पर इसका फल मीठा और बहुत लसदार होता है। मेरी समझ से शायद इसके लसदार गुण की वजह से ही इसका नाम लसोढ़ा यानि लस को ओढ़े हुये पड़ा होगा। पका लसोढ़ा जून से अगस्त में मिलता है। मार्च से मई के बीच में इसके फूल लगते हैं। ग्रामीण परिवेश से लंबे समय से दूर लोगों को लसोढ़ा धुंधला ही सही पर इस रूप मे जरूर याद होगा की गर्मियों की छुट्टियों में जब भी वे अपनी दादी या नानी के यहाँ गाँव गए होंगे तो वहाँ गाँव के बच्चों के साथ लसोढ़े के लस से पतंग जरूर चिपकाई होगी।

देश मे लसोढ़े की कई प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिसे इसके फल के आकार की भिन्नता से आसानी से पहचाना जा सकता है। विभिन्न क्षेत्रों मे इसे अलग अलग नाम से पुकारा जाता है। लसोढ़े को बंगाली में (bahubara) बहुबर, गुजराती – बरगुंद (bargund), कन्नड़ -चिक्का चाक (chikka chalk), मलयालम -चेरुवेरी (cheruviri), मराठी – शेल्वेंत(shelvant), तमिल – नरवल्ली (naravalli), तेलगु -चिन्न नक्केरु (chinna nakkeru) नाम से जाना जाता है।

लसोढ़े का फल गुणो से भरपूर होता है। बहुत से अध्ययन बतातें है की लसोढ़े के गूदे में फिनोल्स, फ्लेवोनोइड्स, अल्कलोइड्स (alkaloids) और सपोनिन्स (saponins) वर्ग के तत्व प्रचुर मात्रा मे पाये जाते हैं। इन सभी को आवश्यक पोषण कारकों की श्रेणी मे रखा गया है जो बीमारियों से रक्षा, रोकथाम और इलाज मे बहुत उपयोगी माने जाते हैं। म्यूसिलेज से भरपूर यह फल पोलीसैकराईड और फास्फोरस का अच्छा श्रोत है। इसमे क्रोमियम, शुगर, कई फैटी ऐसिड और अमीनो ऐसिड भी पाये जाते हैं।

क्रोमियम और पोलीसैकराईडस जिसमे म्यूसिलेज भी आता है, डायबिटीज़ के नियंत्रण मे सहायक है। म्यूसिलेज कब्ज़ को दूर करने वाला (laxative) और अल्सर मे आराम पहुंचाने वाला माना गया है। फास्फोरस हड्डियों और दांतों के निर्माण के लिए जरूरी होता है और चयापचयी (मेटाबोलिक) क्रियाओं मे महत्व रखता है। फैटी ऐसिड वर्ग के कई तत्व स्ट्रोक से बचाव करने, अल्सरेटिव कोलाइटिस और विभिन्न प्रकार के पेट दर्द में आराम पहुंचाते हैं। ये फैटी ऐसिड तत्व किडनी, लिवर फंक्शन को सामान्य रखने, कोशिका भित्तियों (cell membrane) और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने, बैक्टीरिया और वाइरस से लड़ने तथा चयापचय (मेटाबोलिज़्म) को सामान्य बनाने मे सहायक होकर डाइबेटीज़ और हृदय रोगों से बचाव मे भी मददगार होते हैं। अमीनो एसिड्स ऊतकों की वृद्धि और क्षतिपूर्ति में मुख्य भूमिका निभाते हैं और इस वजह से घाव पूरने में भी मददगार होते हैं। सपोनिन्स वर्ग के तत्वों में मोटापे को रोकने और कॉलेस्ट्रोल को कम करने तथा ट्यूमर को बनने से रोकने का गुण पाया जाता है । फेनोल्स वर्ग स्ट्रैस से बचाव मे सहायक है। फ्लेवोनोइड्स मुख्यतः एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और हृदय रोगों और कैंसर से बचाओ करने की क्षमता रखने के साथ- साथ वाइरस जनित रोग प्रतिरोधक क्षमता मे कमी को रोकने में सहायक होते है ।

तत्वों के इन स्वास्थ्य लाभ को ध्यान मे रखते हुए लसोढ़े के गूदे पे कई शोध किए गए हैं जो इसके अल्सररोधी (Antiulcer), शोथरोधी (anti-inflammatory), दर्दनाशक (analgesic), कब्ज को दूर करने (laxative), शुगर से बचाव वा रोकथाम करने (antidiabetic), लिपिड और यूरिया के बढ़े हुए स्तर को कम करने (hypolipidimic and urea reduction), कफ़नाशक (expectorant), उम्र के प्रभाव को कम करने (anti-aging), घाव पूरक (woundhealing), लिवर को डैमेज होने से बचाने (hepatoprotective), कृमिनाशक (anthelmintic), सूजाक (gonorrhea) उपचार मे सहायक , रोगाणुरोधी (Antimicrobial), ट्यूमर को बनने से रोकने (Tumour inhibition) वाले गुणो की पुष्टि करते हैं ।

शोध बताते हैं की लसोढ़े के फल के अलावा इसके पेड़ के अन्य भागों में भी बहुत से औषधीय गुण है जिस वजह से इसके पूरे पेड़ को ही औषधीय पेड़ माना गया है ।

नोट: किसी भी नए भोज्य पदार्थ को अपने भोजन मे शामिल करने से पहले या भोज्य पदार्थ को नियमित भोजन (रूटीन डाइट) का हिस्सा बनाने से पहले अपने डाइटीशीयन,और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

चित्र साभार : इंटरनेट

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s