नीम – लाख दुःखों की एक दवा

नीम जिसे किसी परिचय की ज़रूरत नहीं एक औषधीय पेड़ है। हमने इसके औषधीय गुणों के बारे में तो ज़रूर सुना होगा पर इसका भोजन में भी इस्तेमाल होता है। देश के कई क्षेत्रों में नीम की पत्ती, फूल, और फल का भोजन में इस्तेमाल होता है। नीम के फूल और पत्ती का सब्जी मे उपयोग होता है और पके फल को ऐसे ही खाया जाता है...

Advertisements

महुआ एक लाभ अनेक

महुआ जिसे बंगाली, गुजराती, मराठी और हिन्दी में महुआ, कन्नड़-हिप्पे (hippe), मलयालम-पूनामिलुपा (poonamilupa), उड़िया-महुला (mahula), तमिल-इलुप्पाई (iluppai), तेलगु -इप्पा (ippa) कहते हैं; आदिवासियों के लिए वरदान माना जाता है। आदिवासी समुदाय अपनी भूख से लेकर इलाज तक की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसके तने की छाल, पत्तियों से लेकर फूल, फल, और बीज तक इस्तेमाल करते हैं...

औषधीय गुणों की खान है लसोढ़ा

लसोढ़ा जंगली पादप श्रेणि का गाँव मे प्रचलित फल है परंतु वहाँ पर भी यह मध्यम प्रचलन वाला फल है। पके फल का ज्यादा सेवन आदिवासी और गरीब परिवारों में ज्यादा देखा गया है। इसके अलावा इसका उपयोग उन परिवारों में देखने को मिलता है जो घरेलू नुस्खों के माध्यम से इसको औषधीय महत्व वाला मानते हैं...