लाख दु:खों की दवा लाल और सफ़ेद वॉटर लिली

वॉटर लिली जिसकी विभिन्न प्रजातियों में कमल के जैसे दिखने वाले अलग अलग रंगो के फूल खिलते हैं औषधीय महत्व वाला पौधा है। इस पौधे का हर एक भाग औषधीय महत्व लिए है...

बड़े काम का चिचिंडा

चिचिंडा लौकी, तरोई परिवार की सब्जी है। आकार में ये तरोई जैसे पतले पर लम्बाई में उससे कहीं ज्यादा तक होते है।यह साइनस, साँस के रोगों, हाइपरटेंशन, मधुमेह और गैस्ट्रिक एसिडिटी के इलाज में सहायक है...

सेहत और स्वास्थ्य के लिए है कुल्फा

कुल्फा गुणो से भरपूर एक ऐसी पत्तेदार सब्जी है जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लू. एच. ओ.) ने अपनी बहुत उपयोगी औषधीय पौधों की सूची में शामिल किया है। कुल्फा विटामिन्स, मिनेरल्स और डायटरी फ़ाइबर से भरपूर होता है...

थाली में पोए, रोग दूर होए

हरी पत्तेदार सब्जी में आने वाली पोय गुणो से भरपूर है।पोए कई विटामिन, लवण, ऐंटीऑक्सीडेंट, फेनोलिक फाइटोकैमिकल्स और करोटिनोइड्स का बहुत अच्छा स्रोत है। यह ओस्टिओपोरोसिस, ऐनिमिया, हृदय धमनी रोगों, हर्निया, कई प्रकार के कैंसर जैसे मेलानोमा, ल्यूकीमिया ओरल और कोलोन कैंसर से बचाव और इलाज में सहायक है...

औषधीय गुणों की खान है मकोय

मकोय औषधीय महत्व की एक ऐसी वनस्पति है जो कहीं भी बड़ी आसानी से मिल जाएगी। पर ये अपनी पहचान खोती जा रही है। खर पतवारों के साथ उगने वाला ये पौधा प्राचीन समय से अपने औषधीय महत्व की वजह से एक खास स्थान रखता है। गाँव घरों में दादी नानी के समय में बहुत सी …

पोषण की खान है कैथा

कैथे के कच्चे फल में पके फल की अपेक्षा विटामिन सी और अन्य फ्रूट एसिड की अधिक मात्रा होती है वहीं बीज में प्रोटीन ज्यादा मात्रा में होता है। कैथा स्कर्वी रोग से बचाव और इलाज में सहायक है...

हरफरौरी है गुणों की खान

आमतौर पर सजावटी पेड़ की तरह लगाया जाने वाला हरफरौरी का पेड़ अब शहरों के साथ गावों मे भी कम दिखाई पड़ने लगा है। परंतु आदिवासी क्षेत्रों में ये आसानी से उपलब्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में पहले से लेकर आजतक इसका इस्तेमाल भोजन में होता आ रहा है...

पौष्टिकता एवं औषधीय गुणों की खान गूलर

गूलर अंजीर के जैसा दिखने वाला फल है। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरी क्षेत्रों में भी अधिकतर लोग गूलर से परिचित तो होंगे पर इसका उपयोग भोज्य पदार्थ के रूप में घटता जा रहा है। हमारे व्यंजनो में गूलर के व्यंजनो की जगह धीरे - धीरे कम होती जा रही है जबकि ये पौष्टिकता से भरपूर एवं औषधीय गुणो की खान है। गूलर का कच्चा फल स्वाद में हल्का कसैला(स्लाइटली एस्ट्रिंजेंट) और पका फल मीठा होता है। गूलर का कच्चा फल हरा और पका फल हल्का लाल (डल रेड) होता है...

नीम – लाख दुःखों की एक दवा

नीम जिसे किसी परिचय की ज़रूरत नहीं एक औषधीय पेड़ है। हमने इसके औषधीय गुणों के बारे में तो ज़रूर सुना होगा पर इसका भोजन में भी इस्तेमाल होता है। देश के कई क्षेत्रों में नीम की पत्ती, फूल, और फल का भोजन में इस्तेमाल होता है। नीम के फूल और पत्ती का सब्जी मे उपयोग होता है और पके फल को ऐसे ही खाया जाता है...

महुआ एक लाभ अनेक

महुआ जिसे बंगाली, गुजराती, मराठी और हिन्दी में महुआ, कन्नड़-हिप्पे (hippe), मलयालम-पूनामिलुपा (poonamilupa), उड़िया-महुला (mahula), तमिल-इलुप्पाई (iluppai), तेलगु -इप्पा (ippa) कहते हैं; आदिवासियों के लिए वरदान माना जाता है। आदिवासी समुदाय अपनी भूख से लेकर इलाज तक की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसके तने की छाल, पत्तियों से लेकर फूल, फल, और बीज तक इस्तेमाल करते हैं...